जिन कर्मों के करने से भय शंकाऔर लज्जा होती हो ऐसे कर्म भूलकर भी नही करने चाहिए

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  1. शिक्षा मुफ्त और एक समान होनी चाहिए जिससे समान अवसर मिलेगे तथा विदेशों मे पढकर आने वालो को आरक्षण से वंचित किया जाए।गरीब अमीर मजदूर किसान के बच्चे एक साथ पढेंगे तो भेदभाव और जातिवाद तथा असमानता की खाई स्वंयमेव पटती चली जाऐगी।

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    1. अगर कभी दौलत देखनी हो तो
      बैंक बैलेंस और तिजोरी को मत देखो
      अपनी आँख से एक आँसू गिराकर देखो
      कितने लोग इसे पोंछने के लिए आते हैं

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  2. जिहादी मानसिकता धीरे धीरे आतंकवाद का रूप ले लेती है,क्योंकि मजहबी कट्टरता अल्लाह का रसूल इस और धकेलता जाता है।यदि आतंकवाद को दुनियां से मिटाना है तो विचारों का युध्द लडना है और इसके लिए विश्व धर्म संसद का निर्माण करना होगा।जहाँ धर्म चर्चा के द्वारा इन गलत विचारों पर विजय पानी होगी

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  3. धर्म, मंत्र और भाषणों से दी गई या ली गई सीख का जीवन बहुत छोटा होता है।किंतु कर्मों से दी हुई या ली हुई सीख की प्रेरणा चिरंजीवी होती है

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  4. अहंकार और संस्कार में बस इतना फर्क है।
    अहंकार दूसरों को झुकाकर खुश होता है।
    किंतु संस्कार स्वंय झुककर दूसरों की सेवा करत रहता है

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  5. लोगों के कटु वचन सुनकर
    अपने कदम मत रोकना।
    क्योंकि सफलता उसे नहीं मिलती
    जो शर्म करता है
    बल्कि उसे मिलती है जो कर्म करता है।

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  6. सभी शब्दों का अर्थ मिल सकता है
    परंतु जीवन का अर्थ, जीवन जीकर
    और संबंधों का अर्थ, संबंध निभाकर ही मिल सकता है

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  7. अभिमान और तूफान विनाश की जड हैं।
    तूफान अत्यधिक तीव्र हो तो
    कश्तियाँ डूब जाती हैं।
    और अभिमान अत्यधिक होने से
    हस्तियाँ डूब जाती हैं

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  8. नवरात्रि की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
    सभी भारतवासी आज एक व्रत लें मातृशक्ति का सदैव सम्मान करेगे
    उनके मान को बचाने के लिए जो करना पडे वह वह करेगे

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