शिक्षा मुफ्त और एक समान होनी चाहिए जिससे समान अवसर मिलेगे तथा विदेशों मे पढकर आने वालो को आरक्षण से वंचित किया जाए।गरीब अमीर मजदूर किसान के बच्चे एक साथ पढेंगे तो भेदभाव और जातिवाद तथा असमानता की खाई स्वंयमेव पटती चली जाऐगी।
जिहादी मानसिकता धीरे धीरे आतंकवाद का रूप ले लेती है,क्योंकि मजहबी कट्टरता अल्लाह का रसूल इस और धकेलता जाता है।यदि आतंकवाद को दुनियां से मिटाना है तो विचारों का युध्द लडना है और इसके लिए विश्व धर्म संसद का निर्माण करना होगा।जहाँ धर्म चर्चा के द्वारा इन गलत विचारों पर विजय पानी होगी
शिक्षा मुफ्त और एक समान होनी चाहिए जिससे समान अवसर मिलेगे तथा विदेशों मे पढकर आने वालो को आरक्षण से वंचित किया जाए।गरीब अमीर मजदूर किसान के बच्चे एक साथ पढेंगे तो भेदभाव और जातिवाद तथा असमानता की खाई स्वंयमेव पटती चली जाऐगी।
ReplyDeleteअगर कभी दौलत देखनी हो तो
Deleteबैंक बैलेंस और तिजोरी को मत देखो
अपनी आँख से एक आँसू गिराकर देखो
कितने लोग इसे पोंछने के लिए आते हैं
जिहादी मानसिकता धीरे धीरे आतंकवाद का रूप ले लेती है,क्योंकि मजहबी कट्टरता अल्लाह का रसूल इस और धकेलता जाता है।यदि आतंकवाद को दुनियां से मिटाना है तो विचारों का युध्द लडना है और इसके लिए विश्व धर्म संसद का निर्माण करना होगा।जहाँ धर्म चर्चा के द्वारा इन गलत विचारों पर विजय पानी होगी
ReplyDeleteधर्म, मंत्र और भाषणों से दी गई या ली गई सीख का जीवन बहुत छोटा होता है।किंतु कर्मों से दी हुई या ली हुई सीख की प्रेरणा चिरंजीवी होती है
ReplyDeleteअहंकार और संस्कार में बस इतना फर्क है।
ReplyDeleteअहंकार दूसरों को झुकाकर खुश होता है।
किंतु संस्कार स्वंय झुककर दूसरों की सेवा करत रहता है
लोगों के कटु वचन सुनकर
ReplyDeleteअपने कदम मत रोकना।
क्योंकि सफलता उसे नहीं मिलती
जो शर्म करता है
बल्कि उसे मिलती है जो कर्म करता है।
सभी शब्दों का अर्थ मिल सकता है
ReplyDeleteपरंतु जीवन का अर्थ, जीवन जीकर
और संबंधों का अर्थ, संबंध निभाकर ही मिल सकता है
अभिमान और तूफान विनाश की जड हैं।
ReplyDeleteतूफान अत्यधिक तीव्र हो तो
कश्तियाँ डूब जाती हैं।
और अभिमान अत्यधिक होने से
हस्तियाँ डूब जाती हैं
नवरात्रि की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
ReplyDeleteसभी भारतवासी आज एक व्रत लें मातृशक्ति का सदैव सम्मान करेगे
उनके मान को बचाने के लिए जो करना पडे वह वह करेगे